
सेवा समाप्ति की जगह तबादला! कोटखर्रा रोजगार सहायक पर कार्रवाई को लेकर उठे सवाल
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। ग्राम पंचायत कोटखर्रा के रोजगार सहायक के मामले में प्रशासन की कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि रोजगार सहायक के खिलाफ मनरेगा कार्यों में लापरवाही, हितग्राहियों से कथित अवैध वसूली और पंचायत के कार्यों में अनियमितता को लेकर लगातार शिकायतें की गई थीं। जांच में आरोप सही पाए जाने के बावजूद सेवा समाप्ति जैसी कार्रवाई करने के बजाय महज दूसरे पंचायत में तबादला किए जाने से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी कर्मचारी पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप जांच में सही पाए गए हैं, तो केवल तबादला कर देना समस्या का समाधान नहीं है। उनका सवाल है कि एक पंचायत में कथित अनियमितता के आरोप झेल रहे कर्मचारी को दूसरी पंचायत में भेजने से व्यवस्था में सुधार कैसे होगा?


ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रोजगार सहायक के खिलाफ पूर्व में कई शिकायतें सामने आई थीं। इसके बावजूद अब तबादले की कार्रवाई से ग्रामीणों में यह चर्चा तेज है कि क्या दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के बजाय केवल स्थानांतरण ही विकल्प रह गया है। ग्रामीणों ने जिला पंचायत सीईओ की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही मांग की गई है कि जांच में दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि पंचायत स्तर पर कार्यरत अन्य कर्मचारियों के बीच भी जवाबदेही और पारदर्शिता का संदेश जाए।

अब बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन केवल तबादले से मामले को खत्म करेगा, या आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जिम्मेदारी तय कर ठोस कार्रवाई भी करेगा?
















